दिव्यांगजनों की सक्षमता और सशक्तिकरण पर सरकार, उद्योग और दिव्यांगों ने रखे विचार
मुख्य संवाददाता
नई दिल्ली में इंडिया इन्क्लूसिव समिट 2026 का आयोजन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड दिल्ली द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया। कॉन्फ्रेंस में नीति निर्माता, कॉर्पोरेट जगत, तकनीकी दिव्यांगजन और दिव्यांग समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर समावेशी विकास, डिजिटल एक्सेसिबिलिटी और सुलभ तकनीक जैसे विषयों पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम का आयोजन तत्सत फाउंडेशन की नॉलेज पार्टनरशिप तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, HCLTech, HCL फाउंडेशन और यूनाइटेड वे दिल्ली के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एनएबी दिल्ली के महासचिव प्रशांत रंजन वर्मा के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और सुलभता से जुड़ी पहलों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण ‘इन्क्लूसिव इंडिया महत्वाकांक्षी 2026’ रहा। माइक्रोसॉफ्ट को दिव्यांगजनों के लिए विंडोज सिस्टम को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार दिया गया। वहीं BarrierBreak को सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रदाता और एक्सेसिबिलिटी विशेषज्ञ अमर जैन को सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत योगदान सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामदास अठावले ने कहा कि भारत की प्रगति तब सार्थक होगी जब विकास सभी नागरिकों के लिए समान रूप से सुलभ और समावेशी हो। सम्मेलन में डिजिटल एक्सेसिबिलिटी, समावेशी व्यवसाय, सहायक तकनीक और कॉर्पोरेट भूमिका जैसे विषयों पर कई सत्र आयोजित किए गए। Google और Microsoft की टीमों ने भी समावेशी डिज़ाइन और सुलभ तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
तत्सत फाउंडेशन की निदेशक डॉ. सुमी गुप्ता ने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण और तकनीकी समावेशन के माध्यम से दिव्यांगजन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सम्मेलन का समापन नेटवर्किंग सत्र और समावेशी भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।












