सच्चाई दिखाने की सजा या राजनीतिक षड्यंत्र!रिपोर्ट अनमोल कुमार
बिहार के चर्चित यूट्यूबर और पत्रकार मनीष कश्यप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दिघवारा थाना क्षेत्र में पिछड़े समाज की महिलाओं के साथ हुई पुलिसिया ज्यादती की खबर को उजागर करने के बाद उनके खिलाफ छपरा साइबर थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस घटना के बाद उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देने का ऐलान किया और शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे छपरा साइबर थाना जाकर आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।क्या था पूरा मामला?दिघवारा थाना क्षेत्र में कुछ गरीब और पिछड़े समाज की महिलाओं पर पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचार की खबर सामने आई थी। मनीष कश्यप ने इसे अपने प्लेटफॉर्म के जरिए जनता के सामने रखा। लेकिन सच्चाई उजागर करना उनके लिए मुसीबत बन गया। इसके बाद उन पर साइबर थाना, छपरा में मामला दर्ज कर लिया गया।मनीष कश्यप ने क्यों दिया भाजपा से इस्तीफा?2024 में भाजपा की सदस्यता लेने वाले मनीष कश्यप ने इस घटना के बाद कहा कि एनडीए सरकार में ही उन्हें लगातार साजिशों का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता में रहते हुए भी भाजपा उनके साथ खड़ी नहीं हो सकती, तो ऐसी पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है। इसी वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देने और खुद को कानून के हवाले करने का फैसला लिया।पहले भी विवादों में रहे हैं मनीष कश्यप।यह पहली बार नहीं है जब मनीष कश्यप को सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो। मार्च 2023 में, तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों पर हमलों के वीडियो प्रसारित करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। लगभग 9 महीने जेल में रहने के बाद दिसंबर 2023 में उन्हें पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।अब एक बार फिर महिला अत्याचार की खबर चलाने पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।अब क्या होगा आगे?मनीष कश्यप ने खुद अपनी गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया है। शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे वे छपरा साइबर थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण करेंगे।उनके समर्थकों में इस कार्रवाई को लेकर भारी रोष है।सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह सच दिखाने की सजा है?क्या यह राजनीतिक साजिश है?सवाल उठ रहे हैं कि क्या एनडीए सरकार में ही मनीष कश्यप को सच बोलने की सजा मिल रही है? क्या यह सरकार की “मीडिया कंट्रोल नीति” का हिस्सा है। या फिर यह एक पत्रकार की स्वतंत्रता पर हमला है?आप क्या सोचते हैं? क्या मनीष कश्यप सच दिखाने के लिए साजिश के शिकार हुए हैं?












