रिपोर्ट अनमोल कुमार।
सासाराम। मण्डल कारा, सासाराम में बंद कैदियों के कार्यशाला को संबोधित करते हुए आचार्य नवीन ने कहा कि बंदियों में आत्ममूल्यांकन से ही आत्मसुधार लाया जा सकता है। नैतिक मूल्यों की जानकारी, नैतिक विकास, समझ, जीवन जीने की कला और प्रेरणा ही जीवन विद्या का मूलाधार है। कार्यशाला की अध्यक्षता सासाराम मण्डल कारा अधीक्षक, सुजीत कुमार राय ने किया।
जीवन विद्या के आचार्य नवीन ने कहा कि इस समस्या का हल भी हमारे भीतर ही है काम, क्रोध, मोह, लोभ, कपट और अहंकार को त्याग कर हम नया जीवन अपना सकते हैं। जीवन जीने का सूत्र और मानव कल्याण ही परम सुख की अनुभूति है।












