रोहित कुमार गुप्ता
उतरौला (बलरामपुर)
नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मानकों के विपरीत डिब्बा बंद RO वाटर की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। स्थानीय स्तर पर कई RO प्लांट ऐसे हैं जिनके पास न तो वैध लाइसेंस है और न ही पानी की गुणवत्ता पर वे खरे उतरते हैं। ये डिब्बा बंद पानी ₹20 से ₹25 प्रति डिब्बे की दर पर बेचा जा रहा है। लेकिन स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
शहर के सरकारी और निजी दफ्तरों में भी यही संदिग्ध क्वालिटी वाला डिब्बा बंद पानी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आम जनता को ऐसा पानी मुहैया कराना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध रूप से मुनाफा कमाने वाले लोग भी इससे मालामाल हो रहे हैं।
इन RO प्लांटों में बनने वाले पानी की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। बिना किसी मानक और स्वीकृति के यह पानी बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। साफ-सुथरा पानी जहां इंसान की सेहत के लिए बेहद जरूरी है, वहीं इस तरह के पानी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस पानी को बिना जांचे-परखे इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य जोखिम में है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह अवैध व्यापार फल-फूल रहा है। जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द इस मामले की जांच करनी चाहिए और अवैध रूप से संचालित हो रहे RO प्लांटों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे मजबूरी में यह पानी खरीद रहे हैं क्योंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं है। सरकार और प्रशासन की ओर से स्वच्छ पानी की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण उन्हें इस तरह के संदिग्ध क्वालिटी वाले पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई समाजसेवी और बुद्धिजीवी इस बात से भी नाराज हैं कि अधिकारियों ने इस समस्या पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया है।
सरकार और संबंधित विभागों को इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द पानी की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए। साथ ही अवैध रूप से संचालित हो रहे RO प्लांटों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल सके।












