उज्जैन (नागदा) माणक लाल जैन
गीता भवन न्यास का 748 वाँ नेत्रदान,नागदा में दूसरा देहदान
मुख्यमंत्री के 1 जुलाई के आदेश के बाद म.प्र. का पहला गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित देहदान
मानवता की सच्ची सेवा का संदेश देते हुए नगर की वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती पुष्पलता धूपिया (उम्र 82 वर्ष) के परिवार ने मरणोपरांत नेत्रदान एवं देहदान कर एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत की।यह गीता भवन न्यास बड़नगर द्वारा संपन्न 748 वाँ नेत्रदान था जबकि नागदा में यह दूसरा देहदान है।
स्व.श्री पुखराजमल जी धूपिया की धर्मपत्नी, श्री यशवंत (अनिल) जी धूपिया की पूज्य माताजी एवं अर्चित धूपिया की आदरणीय दादी श्रीमती पुष्पलता धूपिया का आज प्रातः दिनांक 12 जुलाई शनिवार को शांतिपूर्वक देवलोकगमन हुआ।
नेत्रदान:
जनसेवा हॉस्पिटल,नागदा में सुबह गीता भवन न्यास बड़नगर की सेवा टीम—डॉ.जी एल ददरवाल, मोहनलाल राठौर एवं मनीष तलाच द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की गई।
इस अवसर पर डॉ.हरिशंकर कोस्टा एवं डॉ. नंदकिशोर जायसवाल, अरुण धूपिया,मनीष चपलोत,आकाश बोहरा,अमित बम,रवि संघवी, मनोज जैन,अमित जैन नवादावाला,अजय विश्वकर्मा,योगेश शुक्ला भी उपस्थित रहे।
देहदान:
दिवंगत पुण्यात्मा की पार्थिव देह आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन को देहदान हेतु अर्पित की जाएगी।
अंतिम यात्रा:
आज सायं 4 बजे उनके निवास गुलाबबाई गली नंबर 1 (आर.के.चक्की के पास) से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए महावीर भवन, जवाहर मार्ग पहुँची। वहां से देहदान हेतु उज्जैन रवाना की गई।
जैन सोशल ग्रुप नागदा के नेत्रदान प्रभारी श्री ब्रजेश बोहरा के विशेष प्रयासों से यह नागदा में 38 वाँ नेत्रदान भी पूर्ण हुआ।
विशेष उल्लेख:
दिवंगत श्रीमती पुष्पलता धूपिया, बोहरा परिवार (भाटीसुड़ा वाले) की बहन-बेटी एवं श्री अरुण धूपिया की काकीजी थीं। वे एक सज्जन, श्रद्धालु व सेवाभावी महिला थीं जिनका संपूर्ण जीवन समाजसेवा व सादगी को समर्पित रहा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को परम शांति प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे।
शोकाकुल-धूपिया परिवार (रामगंजमंडी वाले)
बोहरा परिवार (भाटीसुड़ा वाले),नागदा जंक्शन
प्रदेश के मुख्यमंत्री के 1 जुलाई के आदेश का क्रियान्वयन
मध्य प्रदेश में देहदानी को पहला गार्ड ऑफ ऑनर
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के 1 जुलाई को जारी पत्र क्रमांक एफ 19-15/20 24/1/ 4 के अनुपालन में उज्जैन संभाग में यह पहला गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। उस आदेश में स्पष्टतः लिखा हुआ था कि मुख्यमंत्री की घोषणा डी 0513 के परिपालन में 26 जनवरी और 15 अगस्त को परिवार जनों को राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा और पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इससे पहले 31 मार्च 2024 को नईदुनिया पेपर मे कलमकार ने मांग रखी थी जो प्रकाशित समाचार पत्र में हुई थी जींसमें अंगदानियों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की पहल की थी।












