October 17, 2026 10:35 pm

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नोवा बूपा ने साइना नेहवाल और मीराबाई चानू के साथ लॉन्च किया ‘ज़िंदगी को क्लेम कर ले’ अभियान

नोवा बूपा ने साइना नेहवाल और मीराबाई चानू के साथ लॉन्च किया ‘ज़िंदगी को क्लेम कर ले’ अभियान
अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
नई दिल्ली। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी नियोवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मद्देनज़र अपना नया ब्रांड अभियान “ज़िंदगी को क्लेम कर ले” लॉन्च किया। इस मौके पर भारतीय बैडमिंटन स्टार और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल तथा वेटलिफ्टिंग स्टार मीराबाई चानू को अभियान से जोड़ा गया। कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वास्थ्य बीमा को केवल आर्थिक सुरक्षा नहीं, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास और जीवन में वापसी का माध्यम बताया।

नियोवा बूपा के मार्केटिंग एवं डिजिटल बिजनेस प्रमुख निमिष अग्रवाल ने कहा कि कंपनी पिछले 17 वर्षों से केवल हेल्थ इंश्योरेंस के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी अब तक करीब 2.5 करोड़ भारतीयों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 37 लाख से अधिक हेल्थ क्लेम का निपटारा किया गया और करीब 14 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य पर होने वाला लगभग 43 प्रतिशत खर्च लोगों को अपनी जेब से करना पड़ता है, इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस लोगों को बेहतर इलाज कराने का भरोसा देता है। कंपनी का उद्देश्य डर दिखाना नहीं, बल्कि लोगों को यह विश्वास दिलाना है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी संकट के बाद वे फिर से सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।

निमिष अग्रवाल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में 74 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और भारत का लगभग 100 सदस्यीय दल इसमें भाग ले रहा है। कंपनी का मानना है कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के खिलाड़ियों की संघर्ष और वापसी की कहानियां भी लोगों तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए अभियान के जरिए खिलाड़ियों की प्रेरक यात्रा को सामने लाया जाएगा।

कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ने की वजह

कंपनी के डिप्टी सीईओ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकुर खरबंदा ने कहा कि नियोवा बूपा वैश्विक स्तर पर लंबे समय से खेल और पैरा स्पोर्ट्स से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी कोई स्वास्थ्य संबंधी चुनौती आती है और ऐसे समय में परिवार, डॉक्टर और हेल्थ इंश्योरेंस मिलकर व्यक्ति को दोबारा खड़ा होने का आत्मविश्वास देते हैं। यही संदेश इस अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

साइना नेहवाल ने साझा किया संघर्ष का अनुभव

कार्यक्रम में मौजूद ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने अपने करियर के सबसे कठिन दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि रियो ओलंपिक 2016 से ठीक पहले उन्हें गंभीर घुटने की चोट लगी थी। शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि आराम से ठीक हो जाएंगी, लेकिन जांच में पता चला कि सर्जरी करानी पड़ेगी और चार महीने तक कोर्ट से दूर रहना होगा।

साइना ने कहा कि उस समय उन्हें लगा था कि उनका करियर खत्म हो सकता है। उन्होंने बताया कि चोट के बाद कई दिनों तक वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहीं, लेकिन परिवार, पिता, कोच, फिजियो और मेडिकल टीम के सहयोग से उन्होंने वापसी की। बाद में उन्होंने मलेशिया ओपन, इंडोनेशिया ओपन समेत कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीते।

उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों के लिए चोट खेल का हिस्सा है। ऐसे समय में मजबूत सपोर्ट सिस्टम और सही इलाज सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।”

कार्यक्रम के दौरान विदेशी निवेश (FDI) बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवाल पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि भारत हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में तेजी से बढ़ता बाजार है और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कंपनी के अनुसार, भविष्य में हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला शेयरधारकों द्वारा लिया जाएगा, लेकिन भारत को लेकर कंपनी का दृष्टिकोण बेहद सकारात्मक है।

कार्यक्रम के अंत में कंपनी ने कहा कि “ज़िंदगी को क्लेम कर ले” अभियान का उद्देश्य केवल बीमा बेचने का नहीं, बल्कि लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी संकट के बाद सही इलाज, परिवार के सहयोग और हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जीवन में दोबारा मजबूती से वापसी की जा सकती है।

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