झाबुआ माणक लाल जैन
*मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिला स्तरीय ‘समाधान’ का आयोजन*
*कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों में हितग्राहियों से सीधे की चर्चा*
*लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस, वेतनवृद्धि रोकने एवं विभागीय जांच के प्रस्ताव भेजने के निर्देश*
झाबुआ, 22 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले ‘समाधान ऑनलाइन’ की तर्ज पर शनिवार को झाबुआ में जिला स्तरीय ‘समाधान’ आयोजित किया गया। इसमें सीएम हेल्पलाइन की चिन्हित एट्रीब्यूट्स के आधार पर चयनित लंबित शिकायतों के आवेदकों एवं हितग्राहियों को बुलाकर कलेक्टर ने स्वयं उनसे चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों से प्रकरणवार वस्तुस्थिति एवं अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान लंबे समय से लंबित शिकायतों, समय पर कार्रवाई नहीं करने, पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण अथवा अपूर्ण निराकरण दर्ज करने तथा प्रभावी फॉलोअप नहीं करने के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
*निरस्त आदेश के बावजूद लगभग छह वर्ष तक होती रही NPS कटौती*
जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता अरविंद मचार की शिकायत 123 दिनों से लंबित पाई गई। शिकायत विभागीय जांच, नियम-विरुद्ध NPS अंशदान कटौती एवं नियुक्ति से संबंधित थी। जांच में सामने आया कि 27 फरवरी 2019 के तत्कालीन सहायक आयुक्त के आदेश से तीन कर्मचारियों को स्थाईकर्मी मानते हुए PRAN जारी कर NPS कटौती प्रारंभ की गई थी। उक्त आदेश 17 मार्च 2020 को निरस्त होने के बावजूद NPS कटौती जारी रही तथा इसे 1 मार्च 2026 को बंद किया गया। निरस्त आदेश के बाद भी लगभग छह वर्षों तक कटौती जारी रहने, गलत कटौती की वसूली/रिफंड एवं नियुक्ति की वैधता का निर्णय लंबित रहने पर तत्कालीन BEO/DDO मेघनगर एवं सहायक आयुक्त कार्यालय की जवाबदेही निर्धारित की गई। कलेक्टर ने कार्रवाई एवं जांच समय पर नहीं किए जाने पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*छात्रवृत्ति प्रकरण में कलेक्टर ने स्वयं MPSEDC से फोन पर की चर्चा*
शिकायतकर्ता नीलम वसुनिया की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं होने संबंधी शिकायत 65 दिनों से लंबित थी। जांच में OTR की पुरानी प्रोफाइल से डुप्लीकेट प्रोफाइल जुड़ी होने के कारण छात्रवृत्ति में समस्या होना पाया गया। प्रकरण से संबंधित हेल्पडेस्क शिकायत भी लगभग 11 माह से भोपाल मुख्यालय स्तर पर लंबित थी। प्रभावी फॉलोअप नहीं किए जाने पर सहायक आयुक्त कार्यालय की जवाबदेही सामने आई। कलेक्टर ने हितग्राही से स्वयं चर्चा की, जिसमें दो समग्र आईडी होने के कारण OTR में आ रही समस्या से अवगत कराया गया। कलेक्टर ने तत्काल MPSEDC से दूरभाष पर चर्चा कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीयन लंबित, पर्यवेक्षक की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश*
महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता गोपाल द्वारा बालिका का लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीयन नहीं होने की शिकायत की गई थी, जो 130 दिनों से लंबित थी। प्रकरण झाबुआ के हीरापुर क्षेत्र का है। जांच में पाया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा तत्कालीन पर्यवेक्षक को आवेदन दिया गया था, लेकिन अपूर्ण दस्तावेजों के कारण नोटिस जारी होने के बावजूद पंजीयन लंबित रहा। स्थानीय आंगनवाड़ी एवं पर्यवेक्षक स्तर की चूक पर सेक्टर पर्यवेक्षक एवं CDPO झाबुआ की जवाबदेही निर्धारित की गई। CDPO द्वारा बालिका की दो अलग-अलग जन्मतिथियों की स्थिति से अवगत कराया गया। कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पर्यवेक्षक की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
*संबल योजना के प्रकरण में श्रम पदाधिकारी को नोटिस*
श्रम विभाग की संबल योजना से संबंधित शिकायतकर्ता कैलाश गरवाल की शिकायत 60 दिनों से लंबित थी। उनके द्वारा दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह सहायता का आवेदन दर्ज नहीं होने की शिकायत की गई थी। जांच में पाया गया कि पंजीकृत श्रमिक गीता गरवाल की मृत्यु 6 अक्टूबर 2023 को हुई थी, लेकिन पोर्टल पर आवेदन दर्ज करते समय तकनीकी त्रुटि “Error converting nvarchar to numeric” आने तथा समग्र आईडी में अंतर होने के कारण आवेदन दर्ज नहीं हो पाया। तकनीकी समस्या के समाधान हेतु प्रकरण श्रम विभाग को भेजे जाने के बावजूद निराकरण नहीं हुआ। कलेक्टर ने स्वयं हितग्राही से चर्चा की। श्रम विभाग द्वारा तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदन दर्ज नहीं होने की जानकारी दिए जाने पर कलेक्टर ने MPSEDC से समन्वय कर समस्या का समाधान करने तथा श्रम पदाधिकारी श्री निलेश डामोर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*संबल प्रसूति सहायता के निराकरण में गलत जवाब दर्ज करने पर BMO को नोटिस*
स्वास्थ्य/NHM से संबंधित शिकायतकर्ता नीलेश गामड़ द्वारा संबल प्रसूति सहायता की 10 हजार 600 रुपये की राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत की गई थी। पेटलावद क्षेत्र की यह शिकायत 200 दिनों से लंबित थी। जांच में पाया गया कि शिकायत के निराकरण में जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान दर्ज कर दिया गया था, जबकि शिकायत संबल प्रसूति सहायता से संबंधित थी। BMO द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के कुल 17 प्रकरण थे, जिनमें शेष तीन प्रकरणों का भी भुगतान प्राप्त हो चुका है। कलेक्टर ने निराकरण के दौरान पोर्टल पर सही जवाब दर्ज नहीं किए जाने पर BMO को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*आकाशीय बिजली से मृत्यु के राहत प्रकरण में तत्कालीन नायब तहसीलदार पर कार्रवाई के निर्देश*
राजस्व विभाग के RBC-6 से संबंधित शिकायतकर्ता बसंती पति स्व. शिवराम कोटड़ा द्वारा आकाशीय बिजली से पति की मृत्यु के बाद 4 लाख रुपये की राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। झकनावदा क्षेत्र की यह शिकायत 215 दिनों से लंबित थी। जांच में पाया गया कि आर्थिक सहायता प्रकरण क्रमांक 0009/ब-128(9)/2024-25 नायब तहसीलदार झकनावदा के न्यायालय में लंबित रहा। नायब तहसीलदार द्वारा बताया गया कि बिल लगाया जा चुका है तथा सोमवार तक भुगतान हो जाएगा। कलेक्टर ने प्रकरण में विलंब के लिए तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री विजेंद्र कटारे के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कमिश्नर इंदौर को भेजने के निर्देश दिए।
*नल-जल योजना के प्रकरण में SDO PHE को नोटिस*
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता जामोद सिंह भाबर की थांदला के कलदेला क्षेत्र में नल-जल टंकी बनने के बावजूद योजना चालू नहीं होने तथा SDO द्वारा राशि की मांग किए जाने संबंधी शिकायत 242 दिनों से लंबित थी। प्रकरण में पुनरीक्षित योजना एवं लगाए गए राशि मांगने संबंधी आरोपों की जांच अपेक्षित थी। SDO PHE द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा आवेदक को जलकर के संबंध में जानकारी दी गई थी। कलेक्टर ने शिकायत के निराकरण का जवाब स्पष्ट एवं सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने पर SDO PHE को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
*विधवा के नामांतरण प्रकरण में तत्कालीन SLR के विरुद्ध विभागीय जांच की अनुशंसा*
राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता अंजु पति स्व. माधु सिंह डामोर की नामांतरण के बाद खसरे में नाम ऑनलाइन दर्ज नहीं होने संबंधी शिकायत 353 दिनों से लंबित थी। मेघनगर के इस प्रकरण में WebGIS पर नाम दर्ज करने की कार्रवाई लंबित थी। समीक्षा में पाया गया कि शिकायत कलेक्टर स्तर से अप्रूव होने के बाद भी SLR कार्यालय द्वारा आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। इस पर कलेक्टर ने तत्कालीन SLR श्री पवन वास्केल के विरुद्ध विभागीय जांच की अनुशंसा के लिए कमिश्नर इंदौर को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
*402 दिनों से लंबित शिकायत में CMO की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश*
नगरीय विकास/राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता हिमांशु रैकवार द्वारा झाबुआ नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 में ध्वस्त अतिक्रमित मकान का मलबा नहीं हटाए जाने तथा वहां पशुओं के वास की शिकायत की गई थी। शिकायत 402 दिनों से लंबित थी तथा राजस्व एवं नगर पालिका के बीच जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने की स्थिति सामने आई। कलेक्टर ने आवेदक के पिता से स्वयं चर्चा की। नगरीय निकाय से संबंधित शिकायत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने एवं अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण CMO श्री मिलन पटेल की एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए।
*निजी क्लीनिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश, CMHO को नोटिस*
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता जावेद खान द्वारा झाबुआ शहर में बिना लाइसेंस निजी क्लीनिक संचालन, पंजीयन/BMW तथा दवाइयों से संबंधित अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। शिकायत 761 दिनों से लंबित थी। CMHO द्वारा बताया गया कि शिकायत के समय संबंधित क्लीनिक का पंजीयन नहीं था, लेकिन बाद में पंजीयन करा लिया गया और शिकायत बंद कर दी गई। कलेक्टर ने CMHO को नोटिस जारी करते हुए जिले में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत सभी निजी क्लीनिकों का अनिवार्य रूप से पंजीयन सुनिश्चित कराने तथा क्लीनिकों में अनियमितता अथवा गलत उपचार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
*रिकॉर्ड दुरुस्ती और नक्शा दुरुस्ती के लंबित मामलों में कार्रवाई*
राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता राजेश साजोदिया, तारखेड़ी की खसरा ऑनलाइन अपडेट एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती संबंधी शिकायत 416 दिनों से लंबित थी। पेटलावद/झकनावदा क्षेत्र के इस प्रकरण में वर्ष 2018-19 की WebGIS प्रविष्टि से संबंधित रिकॉर्ड दुरुस्ती का मामला नायब तहसीलदार झकनावदा न्यायालय में लंबित था। समीक्षा के दौरान रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य ऑनलाइन कर दिया गया। कलेक्टर ने विलंब के लिए तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री विजेंद्र कटारे के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कमिश्नर इंदौर को भेजने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार शिकायतकर्ता बसंत सिंह किसोदिया, देवगढ़ की नक्शा दुरुस्ती/खसरा ऑनलाइन अपडेट संबंधी शिकायत 881 दिनों से लंबित पाई गई। प्रकरण नायब तहसीलदार झकनावदा न्यायालय में लंबित था। कलेक्टर ने इस मामले में भी तत्कालीन नायब तहसीलदार श्री विजेंद्र कटारे के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कमिश्नर इंदौर को भेजने के निर्देश दिए।
*आशा कार्यकर्ता के प्रकरण में DCM को कारण बताओ नोटिस*
स्वास्थ्य/NHM विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता पिंकी खराड़ी, आशा कार्यकर्ता, मोहनकोट पेटलावद की तीन वर्षों से भुगतान नहीं मिलने संबंधी शिकायत 815 दिनों से लंबित थी। जांच में सामने आया कि आवेदक द्वारा आशा का एक माह का प्रशिक्षण लिया गया था, लेकिन कार्य नहीं किया गया था। अपात्र होने की स्थिति के बावजूद शिकायत के निराकरण में स्पष्ट एवं सही जवाब दर्ज नहीं करने पर कलेक्टर ने DCM को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
*धारणाधिकार प्रकरण में पात्रता की स्थिति की समीक्षा*
राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता उदयसिंह मचार की मेघनगर में नजूल भूमि का पट्टा नहीं मिलने एवं धारणाधिकार से संबंधित शिकायत 528 दिनों से लंबित थी। प्रकरण में राजस्व विभाग एवं नगर परिषद के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई गई थी। समीक्षा के दौरान आवेदक के बेड़ावली में भूमि होने के कारण धारणाधिकार के लिए अपात्र होने की स्थिति से अवगत कराया गया।
*10 वर्षों से पानी नहीं मिलने की शिकायत, MPIDC एवं ग्राम सचिव को नोटिस*
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित शिकायतकर्ता कमलेश पिपल, अगराल द्वारा नल-जल योजना के तहत 10 वर्षों से पानी नहीं मिलने की शिकायत की गई थी। मेघनगर/पादता क्षेत्र की यह शिकायत 107 दिनों से लंबित थी। जांच में बताया गया कि कलेक्टर की बैठक में MPIDC द्वारा सहमति दी गई थी तथा औद्योगिक क्षेत्र से फतेहपुरा तक PHE द्वारा पाइपलाइन डाली जाना शेष है। इसके लिए जनपद से MPIDC एवं MPIDC से PHE को कार्य हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित है। प्रकरण में MPIDC एवं ग्राम सचिव को नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई से अवगत कराया गया।
*सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से स्वयं बात करें अधिकारी—कलेक्टर*
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को पूरी गंभीरता से लें। शिकायतों को केवल पोर्टल पर जवाब दर्ज कर बंद करने के बजाय उनकी मूल समस्या का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से स्वयं चर्चा करें, उनकी समस्या समझें तथा समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने, गलत अथवा अपूर्ण जवाब दर्ज करने और निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सी एस सोलंकी एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।












